बिहार विधानसभा चुनाव में ऱाघोपुर बनेगा चुनाव का मुख्य अखाड़ा
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे चुनावी माहौल में भी हलचल देखने को मिल रहा है। खासकर राघोपुर सीट की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। लगता इस बार पूरे विधानसभा चुनाव का मुख्य अखाड़ा का केन्द्र राघोपुर सीट ही रहेगा। लालू-राबड़ी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने राघोपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। वहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत की सामग्री बांटी और कहा कि विधायक मेरे छोटे भाई (तेजस्वी यादव) तथा वर्तमान सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए कोई सुध नहीं ले रहा है। लालू –राबड़ी के बाद रोघोपुर सीट की राजनीतिक विरासत को उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव को अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव से ही चुनौती मिलती दिख रही है।
इस महत्वपूर्ण सीट पर जहाँ एनडीए और आरजेडी के बीच वर्चस्व की जंग है वहीं दूसरी तरफ परिवार के अंदर ही चुनावी लड़ाई मैदान में देखने को मिल रही है। शुक्रवार की रात राघोपुर के लोग अपने विधायक तेजस्वी के आवास पर नहीं जाकर उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव के घर पहुंचे। राघोपुर से आए बाढ़ पीड़ितों की तेज प्रताप यादव ने अपने घर पहुंचने पर जिस प्रकार से उन सभी को अपने घर में रखा और खाना खिलाया इसकी अब बिहार की सियासी गलियारों में काफी चर्चा होने लगी है। तेज प्रताप ने इसका वीडियो भी शेयर किया है।
लगता है आगे इसका प्रभाव होने वाले विधानसभा चुनाव पर जरूर पड़ेगा। तेज प्रताप यादव को जिस प्रकार पार्टी और परिवार से निकाला गया उसके बाद तेज प्रताप यादव इस विधानसभा चुनाव को लेकर जिस तरीके से बिहार के साथ साथ राघोपुर में सक्रिय है और बयान दे रहे हैं उससे साफ है कि तेज प्रताप यादव अब अपनी खुद की जमीन तैयार करने में लगे हैं।
इसके अलावा इस विधानसभा में इस बार जिस तरह से जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर पूरे बिहार में सक्रिय है तथा उनके समर्थन में जन सैलाब उमरते देखने को मिल रहा है, उससे राजग, व एऩडीए गठबंधन तथा अन्य पार्टी सबके लिए पीके बिहार के लिए सिरदर्द बने है।
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