राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव
मजबूरी या जरूरी, आखिर कांग्रेस क्यों तेजस्वी को मुख्यमंत्री घोषित करने पर मानी
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन अब कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा स्वीकार कर लिया है। अप्रैल में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने कहा था कि महागठबंधन ने अभी तक तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। सीट बंटवारे को लेकर भी गठबंधन के भीतर मतभेद की स्थिति बनी हुई थी।हालांकि अक्टूबर में चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने बयान दिया कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरा हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा था कि तेजस्वी यादव शायद आरजेडी के मुख्यमंत्री चेहरे हैं, जिससे पार्टी की अंदरूनी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महागठबंधन की ओर से सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि आगामी चुनाव के लिए तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया जाएगा।गहलोत ने यह भी कहा कि वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद के लिए देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, देश और प्रदेश दोनों गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। लोकतंत्र खतरे में है, जनता बदलाव चाहती है।
कांग्रेस की रणनीति और मजबूरी
राजद महागठबंधन की प्रमुख पार्टी है, और तेजस्वी यादव उसी के नेता हैं। यदि गठबंधन जीतता है तो स्वाभाविक रूप से राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। ऐसे में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के लिए तेजस्वी को मुख्यमंत्री चेहरा मानना एक राजनीतिक मजबूरी और रणनीतिक निर्णय दोनों है।कांग्रेस को आशंका थी कि यदि तेजस्वी को जल्दबाजी में सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया तो गैर-यादव और गैर-मुस्लिम समुदायों में असंतोष पैदा हो सकता है। इसीलिए कांग्रेस अब तक यह कहती रही थी कि मुख्यमंत्री का फैसला बिहार की जनता करेगी, कांग्रेस अकेले निर्णय नहीं लेगी।
तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर जितनी उत्सुकता मीडिया में थी, उतनी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा, हम सत्ता के लिए नहीं, बिहार की प्रगति के लिए राजनीति करते हैं। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और सभी महागठबंधन नेताओं का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास जताया।तेजस्वी ने कहा, हम जनता से वादा करते हैं कि 20 साल पुरानी निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अब उन्हें मुख्यमंत्री बनने नहीं देगी। तेजस्वी ने दावा किया, 20 साल बिहार में और 11 साल केंद्र में एनडीए सरकार होने के बावजूद बिहार आज भी सबसे गरीब राज्य है।
कांग्रेस का तेजस्वी यादव को सीएम चेहरा स्वीकार करना केवल एक मजबूरी नहीं बल्कि एक रणनीतिक और सामंजस्यपूर्ण निर्णय है। सीट बंटवारे, वोट बैंक संतुलन और गठबंधन की एकता को बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने यह कदम उठाया है।
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