गृहमंत्री अमित शाह फिर एक बार एनडीए (मोदी) सरकार बनाने की ओर अग्रसर
बिक्रम उपाध्याय
बिहार विधानसभा चुनाव तारीखों की घोषणा हो चुकी है। सभी पार्टी अपनी-अपनी सीट बंटवारे को लेकर जी-तोड़ कोशिश में जुटे हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस बार दुबारा एनडीए की सरकार (मोदी टीम) को जीत हासिल कराने में गृहमंत्री अमित शाह एक बार फिर बिहार विधानसभा चुनाव को जीत में तब्बदील करने के लिए पुरजोड़ कोशिश में लगे हैं।
गृहमंत्री अमित शाह इस कोशिश में लगे हैं कि इस बार की चुनाव में सबसे पहले सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारा ठीक से हो तथा स्थानीय नेता मजबूत हों तो उन्हें बहुमत मिलना आसान होगा। अमित शाह का लक्ष्य है कि इस बार की चुनाव में एनडीए गठबंधन को 160 सीटों से अधिक पर कब्जा होगा। उन्होंने अपने सभी गठबंधन दलों से कहा है कि सबसे जरूरी जनता के भरोसा कायम हो तथा बेरोजगारी, शिक्षा,स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर फोकस करें। घुसपैठ का मुद्दा कमजोर नहीं पड़ने पाएं तथा चुन-चुन कर एक-एक घुसपैठियों को देश से बार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार से घुसपैठियों को हर हाल में खदेड़ने की जरूरत है। खासतौर पर राहुल गांधी और लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार देना चाहते हैं, जबकि भाजपा इसे रोकना चाहती है। अब तक जो भी नाम कटे हैं वह केवल घुसपैठियें थे, जिसके चलते विपक्ष तिल्लमिलायें हुए हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची की विशेष सघन पुनरीक्षण का समर्थन किया और कहा कि घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार किसी कीमत पर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने दावा किया है कि बिहार में एनडीए का लहर है, विपक्ष पर हमला करते हुए कहा है कि आरजेडी-कांग्रेस हाशिए पर जाएंगे। अमित शाह ने लालू यादव और आरजेडी शासनकाल में बिहार जंगल राज की स्थिति में था। शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि चुनाव को सामान्य कार्यकर्ताओं की तरह लड़ों, किसी की पृष्ठभूमि से ज्यादा जरूरी यह है कि बूथ-स्तर पर मजबूती से तैयारी हो। इसके लिए संगठन को सक्रिय रहने की जरूरत है। इस चुनाव में अमित शाह ने प्लान 60 तैयार किया था, जिसका मकसद यही था कि प्रचार,संगठन, गठबंधन आदि रणनीतियां पूरी तरह काम करें ताकि एनडीए को बड़ी बहुमत की ओर ले जा सकें. अभी तक उनके द्वारा किया गया प्रयास कामयाब में बदलने की पूरी संभावना दिख रहा है। उन्होंने इस बार की चुनाव में मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में नीतीश कुमार के लिए संकेत मात्र दिए हैं।
गृहमंत्री अमित शाह आने वाले समय में बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने की योजना है। इसके अलावा राज्य में विकास के प्रोजेक्ट्स, बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक कल्याण योजनाओं को आगे बढाने का भरोसा दिया। उन्होंने इस विधानसभा चुनाव में केन्द्र की ओर से किए गए विभिन्न योजना का भी जिक्र किया था तथा उन्होंने बताया था कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए सरकार नीति-निर्धारित काम करेगी। बीजेपी ने इस विधान सभा चुनाव के तहत स्पेशल 45 नामक रणनीति भी बनाई थी जिसके के लिए उन्होंने 45 वरिष्ठ नेताओ को जमीनी स्तर पर देखभाल हेतु बिहार भेजा था। इन सभी संभावनाओं को देखते हुए गृहमंत्री द्वारा किया गया प्रयास मोदी सरकार को बिहार विधानसभा चुनाव को जीत में तब्बदील करने की और सरकार बनाने की ओर अग्रसर दिख रही है।
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